सिजेरियन डिलीवरी के बाद कैसे रखें सेहत का ख्याल!

सिजेरियन डिलीवरी के बाद कैसे रखें सेहत का ख्याल!

 

सिजेरियन सेक्‍शन(Cesarean) से डिलीवरी नाम सुनते ही महिला के मन में कई तरह के ख्याल आने लगते है कि सामान्‍य स्थिति में आने में कितना वक्‍त लगेगा, इसके बाद मैं दैनिक दिनचर्या के कार्य कर पाऊँगी या नहीं । इन सब के लिए सिर्फ सकारात्मक सोच की जरूरत है । एक अनुमान के मुताबिक डिलीवरी के बाद महिला को सामान्य स्थिति में आने में लगभग लगभग 15 से 20 महीने लग जाते हैं। इसका प्रमुख कारण यह है कि महिला अपने स्‍वास्‍थ्‍य की बजाय अपने बच्‍चे की देखभाल पर ज्यादा ध्यान देती है और वह बच्चे के लिए अपनी सुविधाओं का त्याग कर रात भर जागकर उसकी देखभाल करती है, जिसके कारण महिला के स्वास्थ्य पर असर होना आम बात है । सिजेरियन डिलीवरी से उबरने के लिए सकारात्‍मक सोच के साथ मानसिक रूप से फिट रहना जरूरी है ।

 महिला को चाहिए कि बच्चे की देखभाल के साथ अपने स्वास्थ्य का भी ख्याल रखे, अपने स्वास्थ्य के प्रति जरा सी भी लापरवाही ना बरते । इस ब्लॉग के माध्यम से हम यह बता रहे है कि सिजेरियन डिलीवरी के बाद महिला को क्या करना है और क्या नहीं करना है ।

सिजेरियन डिलीवरी के बाद निम्न बातों का ध्यान रखना है:-  

तनाव बिल्कुल नहीं रखे- सिजेरियन डिलीवरी के बाद माँ के चेहरे पर तनाव देखा जा सकता है कि उसको स्वस्थ होने में कितना समय लगेगा, क्या वह सामान्य तरीके के काम कर पाएंगी । इसके लिए महिला को चाहिए कि वह रिलैक्स होकर रहे और समय पर दवाइयों का सेवन करे तथा ज्यादा से ज्‍यादा आराम करे, इससे शरीर को आराम भी मिलेगा और तनाव भी कम होगा। 

स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही ना बरते- सिजेरियन डिलीवरी के बाद जहां चीरा लगा है वहां इंफेक्‍शन हो सकता है, चीरे वाले स्थान से द्रव्य पदार्थ निकलने लगता है तथा टाके वाले स्थान पर सूजन और खुजली होने लगती है । योनि में सूजन और दर्द होने लगता है, इसलिए हमेशा अपने शरीर के अंगों की नियमित जांच करते रहना चाहिए । इस प्रकार के लक्षण दिखें तो अपने चिकित्‍सक से संपर्क करे ।

वजन ना उठाये- सिजेरियन डिलीवरी के बाद महिला को सामान्य होने में काफी वक्त लगता है। इस अविध के दौरान महिला को घर के काम करने से परहेज करना चाहिए खासतौर पर वजन तो बिल्कुल ना उठाये | सिजेरियन डिलीवरी के थोड़े समय बाद ही आप ज्यादा काम या भारी वजन उठाते है तो ब्‍लीडिंग होने का खतरा बढ़ जाता है।

सीढियों से परहेज रखें– डिलीवरी के बाद सीढियों पर चढ़ने और पैदल चलने से परहेज करे । इससे महिला को शारीरिक थकान भी होती है और पेट पर जोर पड़ता है, जिससे ब्लीडिंग होने का खतरा बढ़ जाता है ।

निर्जलीकरण से बचें - सिजेरियन डिलीवरी के बाद माँ को अत्यधिक मात्रा में तरल पदार्थ का सेवन करना चाहिए ताकि निर्जलीकरण की समस्या से बचा जा सके । कब्‍ज की समस्‍या भी दूर होती है ।

मसालेदार भोजन से परहेज करे- डिलीवरी होने के बाद तेल, नमक और मिर्च और मसालेदार भोजन का सेवन ना करे, इससे चीरे वाले स्थान पर खुजली होने लगती है जिससे रिकवर होने में समस्या होती है ।

व्यायाम से परहेज करे- सिजेरियन डिलीवरी के बाद डॉक्टर की इजाजत के बिना व्यायाम शुरू नहीं करे क्योंकि महिला का शरीर शारीरिक गतिविधि करने के लिए पूरी तरह से सक्षम नहीं होता है ।

सर्दी-जुकाम और बुखार होने पर तुरंत डॉक्टर से परामर्श ले- सिजेरियन डिलीवरी के बाद अपने आप को सर्दी-जुकाम और बुखार से बचाए । खांसी आने से टांकों पर जोर पड़ता है और टांके टूटने का खतरा रहता है, ऐसी स्थिति होने पर तुरंत डॉक्टर के पास जाये ।

सेक्‍स करने से बचें - सीजेरियन डिलीवरी के बाद कम से कम 6 महीने सेक्‍स न करें। इससे  गर्भाशय में कई तरह की समस्‍या हो सकती है ।