आखिर युवा क्यों ई-सिगरेट के नाम पर गुमराह हो रहा है?

आखिर युवा क्यों ई-सिगरेट के नाम पर गुमराह हो रहा है?

युवा ई-सिगरेट के नाम पर गुमराह होता है और इसको अपनी लाइफ स्टाइल मान रहे है, लेकिन वह इस बात को भूल जाता है कि उनके स्वास्थ्य के साथ कितना बड़ा खिलवाड़ हो रहा है युवाओं पर ई-सिगरेट के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए भारत सरकार ने ई-सिगरेट बैन कर दिया है तम्बाकू के सेवन को छोड़ने के लिए युवाओं ने ई- सिगरेट को नशे के रूप में लेना शुरू कर दिया, लेकिन ई-सिगरेट का सेवन भी तम्बाकू जिनता ही हानिकारक है जो कैंसर, डायबिटीज और हृदय सम्बन्धित बीमारियों को दावत देता है। इसी साल अमेरिका में ई- सिगरेट से हुई मौत ने हमें सोचने को विवश कर दिया। भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भी “मन की बात” कार्यक्रम में युवाओं से तम्बाकू और ई-सिगरेट छोड़ने की अपील की।

ई-सिगरेट क्या है?

ई-सिगरेट एक वाष्पीकृत बैटरी संचालित उपकरण है, जिसमें निकोटिन या गैर निकोटिन के घोल को सांस के साथ सेवन किया जाता है। यह सिगरेट तम्बाकू उत्पाद का ही विकल्प है, जसका वाष्पीकृत धुआं तम्बाकू के समान ही स्वाद और शारीरिक संवेदना प्रदान करता है परन्तु इस क्रिया के दौरान वास्तव में धुंए का उत्सर्जन नहीं होता है।   

ई-सिगरेट में एक बैटरी, एटॉमिजिंग यूनिट और फ्लूइड होता है, जिसे दुबारा से भरा जा सकता है। यह टैंक स्टाइल में डिज़ाइन किया हुआ होता है, जिसमें शक्तिशाली बैटरी के साथ फ्लूइड को जमा करने के लिए टंकी बनी होती है।  

ई-सिगरेट के नुकसान:-

अध्ययन के मुताबिक ई-सिगरेट के फ्लेवर दालचीनी और मेंथोल के मिश्रण का प्रयोग किया जाता है, जो हृदय सम्बन्धी बीमारियों का खतरा बढ़ाता है  एक शोध के मुताबिक ई-सिगरेट के इस्तेमाल से हृदय रोग का खतरा 56 प्रतिशत बढ़ जाता है लम्बे समय तक ई-सिगरेट का इस्तेमाल करने से ब्लड में क्लॉट  की समस्या उत्पन्न हो जाती है  

ई-सिगरेट में निकोटिन की मात्रा होने के कारण यह रक्तचाप को भी बढ़ाता है।  

ई-सिगरेट को लेकर सरकार के प्रावधान :- हालांकि भारत सरकार ने ई-सिगरेट को बैन कर दिया है और इसके उत्पाद बेचने पर या नियमों का उल्लंघन करने पर एक साल की जेल और एक लाख रूपये का जुर्माने का प्रस्ताव किया गया है। दुबारा अगर पुनरावृति की जाती है तो 5 लाख रूपये जुर्माना और 3 साल बाद की जेल का प्रावधान है, तथा ई-सिगरेट भंडारण पर छह माह की कैद और 50000 रूपये तक का जुर्माना हो सकता है।  

अपील:- इस लेख के माध्यम से युवाओं से अपील करता हूँ कि किसी भी प्रकार के नशे की लत बुरी चीज है, जिसका प्रभाव सामाजिक,आर्थिक अन्य कई क्षेत्रों में पड़ता है भारत युवाओं का देश है जो राष्ट्र को उन्नत शिखर पर ले जा सकते है, अगर युवा ही नशे की गिरफ्त रहेगा तो राष्ट्र की उन्नति में काफी कठिनाई आती है अत: युवा नशे का त्याग कर परिवार, समाज और देश की उन्नति अपना महत्वपूर्ण योगदान दे।