अंतरराष्ट्रीय योग दिवस

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस

भारत में योग की परम्परा लगभग 5000 साल पुरानी है। योग को शरीर और आत्मा के बीच सामंजस्य का अद्भुत विज्ञान माना जाता है। योग की उत्पत्ति सर्वप्रथम भारत में ही हुई इसके बाद यह दुनिया के अन्य देशों में लोकप्रिय हुआ। प्राचीन काल से ही भारत के लोग मस्तिष्क की शांति के लिए ध्यान करते थे। योगा  शब्द की उत्पत्ति संस्कृत के 'योग' शब्द से हुई है इसका मतबल जोड़ना या युनाइट होना होता है। यह शरीर और चेतना के मिलन का प्रतीक है । योग मन, मस्तिष्क एवं शरीर का एक अभ्यास है जो मनुष्य को दीर्घायु प्रदान करता है। 

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का इतिहास:-

भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 27 सितम्बर 2014 को  संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने भाषण में कहा कि योग भारत की प्राचीन परम्परा और एक अमूल्य धरोहर है यह दिमाग और शरीर की एकता का प्रतीक है, मनुष्य और प्रकृति के बीच सामंजस्य है, विचार, संयम और पूर्ति प्रदान करने वाला है तथा स्वास्थ्य और भलाई के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण प्रदान करने वाला है। यह व्यायाम ही नहीं, बल्कि अपने भीतर एकता की भावना, दुनिया और प्रकृति की खोज के विषय में है। हमारी बदलती जीवन- शैली में यह चेतना बनकर हमें जलवायु परिवर्तन से निपटने में मदद कर सकता है इसके पश्चात 11 दिसंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस या विश्व योग दिवस के रूप में मनाए जाने की घोषणा कीयूएन में भारत के तत्कालीन राजदूत अशोक मुखर्जी ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का प्रस्ताव पेश किया था। को-स्पॉन्सर के तौर पर 177 देश शामिल हुए थे। जो अब तक किसी भी महासभा के प्रस्ताव के लिए सबसे अधिक संख्या है।

 

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2019 की थीम है :-  क्लाइमेट एक्शन

इस साल की थीम “ क्लाइमेट एक्शन” रखी गई योग का नियमित अभ्यास करने से जलवायु को प्रभावित करने वाले कारकों के लिए समाधान मिल सकता है योग के नियमित अभ्यास से शरीर और मन के बीच आंतरिक संतुलन कायम होता है।

 

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का मनाने का उद्देश्य :-

योग दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य भारत की नयी युवा पीढ़ी के बीच प्राचीन योगाभ्यास को लोकप्रिय बनाना एवं योग के फायदों के बारे में जागरूक करना है तथा दैनिक अभ्यास से शारीरिक बीमारियां एवं मानसिक तनाव को दूर किया जा सकता हैं।  योग के द्वारा शरीर के आंतरिक अंगों में ऑक्सीजन एवं रक्त प्रवाह को बढ़ाकर शरीर की क्रियाओं को बेहतर बनाया जा सकता है। योग से हृदय, फेफड़े, किडनी एवं अन्य अंगों से जुड़ी बीमारियों की संभावना कम हो जाती है। योग से आपसी प्रेम और सामंजस्य कायम किया जा सकता है ।

 

योग करने से क्या फायदा होता है?

  • योग से हम हमारे शरीर की बीमारियों का प्राकृतिक तरीके से निराकरण कर सकते है साथ में मानसिक और शारीरिक विकास भी भलीभांति होता है ।
  • योग करने से स्ट्रेस, डिप्रेशन, माइग्रेन एवं तनाव से मुक्ति मिलती है।
  • योग करने से बेहतर नींद आती है और अनिद्रा की समस्या दूर हो जाती है |
  • योग से वजन को नियंत्रित किया जा सकता है तथा पेट की चर्बी को दूर किया जा सकता है ।
  • नियमित योग करने से नर्वस सिस्टम बेहतर होता है, शरीर लचीला बनता है एवं मांसपेशियां भी मजबूत होती हैं।
  • योग से रीढ़ की हड्डी भी लचीली बनती है जिसके कारण अर्थराइटिस की समस्या नहीं होती है।
  • योग करने से ब्लड शुगर नियंत्रित रहता है एवं हाई ब्लड प्रेशर तथा हृदय रोग की संभावना कम हो जाती है।
  • हमेशा योग करने से पाचन तंत्र सही काम करता है जिससे शरीर को सकारात्मक उर्जा मिलती है ।
  • प्रतिदिन योग करने से रक्त प्रवाह बेहतर होता है जिससे शरीर के समस्त अंग सही ढंग से काम करते है ।

आइए इस अंतराष्ट्रीय योग दिवस पर योग को अपनी जिंदगी का अभिन्न हिस्सा बनाते है और दूसरों को भी योग के लिए प्रेरित करे I