राष्ट्रीय ध्वज को फहराने के नियम और दिशा-निर्देश

तिरंगा झंडा जो भारत के गर्व का प्रतीक है जो हमारे राष्ट्रीय पर्व 15 अगस्त यानि स्वतंत्रता दिवस और 26 जनवरी यानि गणतंत्रता दिवस के मौके पर फहराया जाता है।

राष्ट्रीय ध्वज को फहराने के नियम और दिशा-निर्देश
स्वतंत्रता दिवस 2019

तिरंगा झंडा जो भारत के गर्व का प्रतीक है जो हमारे राष्ट्रीय पर्व 15 अगस्त यानि स्वतंत्रता दिवस और 26 जनवरी यानि गणतंत्रता दिवस के मौके पर फहराया जाता है। भारतीय राष्‍ट्रीय ध्‍वज को इसके वर्तमान स्‍वरूप में 22 जुलाई 1947 को आयोजित भारतीय संविधान सभा की बैठक के दौरान अपनाया गया था, जो 15 अगस्‍त 1947 को अंग्रेजों से भारत की स्‍वतंत्रता के कुछ ही दिन पूर्व की गई थी हमारे लिए तिरंगा गौरव का विषय है इसकी प्रमुख वजह इसमें इस्तेमाल होने वाले तीन रंग हैं, केसरिया, सफ़ेद और हरा रंग जिनका विकास कई स्वरूपों में हुआ है

हमारे देश के राष्ट्रीय पर्व प्रत्येक नागरिकों द्वारा बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है और इस मौके पर प्रत्येक संस्थानों में तिरंगे को सम्मान के साथ फहराया  जाता है लेकिन काफी लोग इस बात से अनजान रहते है कि राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे को फहराने के क्या नियम हैं और उनका किस प्रकार पालन करना चाहिए। गृह मंत्रालय के “फ्लैग कोड ऑफ इंडिया” जिसके तहत राष्ट्रीय ध्वज के इस्तेमाल और फहराने को लेकर कुछ आवश्यक दिशानिर्देश दिए गए हैं जो इस प्रकार है-

  1. किसी भी दूसरे झंडे को तिरंगे से ऊंचा या ऊपर नहीं लगा सकते और न ही बराबर रख सकते हैं
  2. तिरंगा झंडा भारत का राष्ट्रीय ध्वज है। यह तीन रंगों का होता है जिसमें सबसे उपर में केसरिया रंग, बीच में सफेद रंग और नीचे में हरा रंग होता है।
  3. तिरंगे को फहराते समय इस बात का विशेष ध्‍यान रखा जाये कि जहॉ झंडा फहराया जाऐ वहॉ से वह स्‍पष्‍ट दिखाई देना चाहिए
  4. राष्ट्रीय ध्वज को हमेशा दिन की रोशनी में सूर्योदय और सूर्यास्त के बीच फहराया जाता है।
  5. तिरंगा हमेशा कॉटन, सिल्क या फिर खादी का ही होना चाहिए प्लास्टिक का झंडा बनाने की मनाही है
  6. तिरंगे का निर्धारित माप होता है, जो आयताकार होता है, जिसका अनुपात 3:2 है, जबकि अशोक चक्र का कोई माप तय नही किया गया हैं सिर्फ इसमें 24 तिल्लियां होनी आवश्यक हैं
  7. तिरंगा फहराने की प्रक्रिया के दौरान वहां मौजूद सभी को तिरंगे की तरफ मुंह करके सावधान की मुद्रा में खड़े रहना होगा।
  8. अगर तिरंगा किसी सार्वजनिक समोराह में फहराया जाता है तो तिरंगा हमेशा वक्ता के दायी ओर होना चाहिए ।
  9. तिरंगा (Tiranga) कभी भी झुका हुआ नहीं होना चाहिए केवल राष्‍ट्रीय शोक के अवसर पर ही आधा झुका रहता है
  10. जब तिरंगे को किसी अधिकारी की गाडी पर लगाया जाए तो वह या ता बीचों-बीच हो या फिर गाड़ी के दांई ओर होना चाहिए
  11. किसी भी जगह और किसी भी स्‍थति में तंरगा फटा हुआ और गन्‍दा नहीं होना चहिए
  12. तिरंगे का उपयोग ना तो किसी भी प्रकार सजावट के लिए और ना ही को ड्रेस के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है
  13. तिरंगे को किसी पर्दे या घर के किसी अन्य काम में इस्तेमाल में नहीं लाया जा सकता है। तिरंगे के ऊपर किसी भी प्रकार की आकृति बनाना या लिखना कानूनन अपराध है
  14. तिरंगा कभी भी जमीन से टच नहीं होना चाहिए
  15. अगर झंडा गन्‍दा या फट गया है तो उसे किसी एकान्‍त स्‍थान पर सम्‍मानपूर्वक नष्‍ट किया जाना चाहिए या फिर वजन बांधकर पवित्र नदी में समाधि दी जानी चाहिए

भारत के आम नागरिकों को अपने घरों या ऑफिस में आम दिनों में भी तिरंगा फहराने की अनुमति 22 दिसंबर 2002 के बाद मिली । इसके लिए पूर्व सांसद और प्रमुख उद्योगपति नवीन जिंदल ने लम्बी क़ानूनी लड़ाई लड़ी तब जाकर आम नागरिकों को अपने घर, कारखाना या अन्य प्रतिष्ठान पर तिरंगा फहराने की सुप्रीमकोर्ट द्वारा इजाजत दी गई बल्कि इसकों मुलभूत अधिकार (अनुच्छेद 19) भी माना । जिंदल के तिरंगे के प्रति विशेष प्रेम और लगाव के कारण उन्होंने गृह मंत्रालय में रात को भी तिरंगा फहराने की अनुमति मांगी, जिसको गृह मंत्रालय ने स्वीकार कर लिया और तिरंगे को रात में फहराने की अनुमति सन् 2009 में दी गई । गृह मंत्रालय ने इसके लिए यह भी दिशा-निर्देश जारी किया कि जहाँ भी तिरंगा फहराया जाता है वहां प्रकाश की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए

तिरंगे झंडे का महत्त्व भारतीयों में जागृति और स्फूर्ति का संचार करने में है इसलिए देश के प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि वह तिरंगे की शान बनाए रखे और इसे पूरा सम्मान दे ।